सहायता प्राप्त कॉलेज के प्रबंधकों ने मैनेजमेंट कमेटियों में सरकारी प्रतिनिधियों को आमंत्रण ना देने का फैसला

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एडिड कालेज मैनेजमेंट फेडरेशन के पदाधिकारियों की उच्च शिक्षा पर प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए नकारात्मक रवैये को लेकर की मीटिंग

डीपीआई व शिक्षा विभाग के साथ लटके मुद्दों पर हुई अहम विचार

लुधियाना, अमृतसर, 1 मार्च

नान गवर्नमेंट एडिड कालेजज मैनेजमेंट फेडरेशन की ओर से उच्च शिक्षा पर प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए  नकारात्मक रवैये को लेकर जीजीएन खालसा कालेज लुधियाना में फेडरेशन के अध्यक्ष राजिंदर मोहन सिंह छीना की अगुआई में की गई, जिसमें कालेज प्रबंधकीय कमेटी की मीटिंग में सरकारी प्रतिनिधियों को न बुलाने के फैसले पर जोर दिया गया। फेडरेशन सदस्यों ने कहा कि प्रबंधकीय कमेटियां अपने कालेजों को चलाने में पूरी तरह से निपुण है। इसलिए सरकारी प्रतिनिधियों का उक्त कमेटियों में दखलअंदाजी कालेज में न करे। फेडरेशन सदस्यों ने कहा कि प्रबंधकीय कमेटियां अपने कालेजों को चलाने में पूरी तरह निपुण है। इसलिए सरकारी प्रतिनिधियों का उक्त कमेटियों में दखलअंदाजी कालेज के कामकाज को पूरी तरह से प्रभावित करेगी। इस अवसर पर डीपीआई व शिक्षा विभाग के साथ शिक्षा संबंधी लंबे समय से लटके आ रहे अहम मुद्दों पर समूह पदाधिकारियों ने विचार सांझे किए गए।

इस अवसर पर छीना ने कहा कि नए प्रस्ताव बहुत ही निंदनीय है। डीपीआई व शिक्षा विभाग द्वारा इन कालेजों के प्रबंधकों के साथ सलाह मशवरा किए बिना ही फैसले किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट एडिड कालेज प्रदेश के 80 प्रतिशत से अधिकतर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार के हमसाया के रूप में काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि जो रुतबे में बहुत जूनियर है, किसी भी नामजद व्यक्ति को वोटिंग अधिकारों व वीटो शक्तियों के साथ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वह उच्च शिक्षा के अधिकारियों से कोई टकराव नहीं चाहते पर यदि जरूरत पड़ी तो वह कालेजों को बंद करने सहित सख्त कदम उठाने से गुरेज भी  नहीं करेंगे। विद्यार्थियों की पढ़ाई के नुकसान की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा विभाग की होगी।

मीटिंग के दौरान अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप के तहत बकाया ग्रांटों को एक किस्त में तुरंत जारी करने व 95 प्रतिशत ग्रांट बहाल करने की मांग की गई। इसके अलावा कालेजों में अध्यापकों की नियुक्ति करते समय सहायता स्कीम संबंधी भी मुद्दा उजागर किया।

इस अवसर पर बकाया डीपीआई ग्रांट, अध्यापकों की नियुक्ति के लिए 75 प्रतिशत की बजाय 95 प्रतिशत ग्रांट इन एड स्कीमों को लागू करना, खाली आसामी को भरना, आरक्षण नीति को रद्द करना, कालेज व यूनिवर्सिटी के कामकाज में स्पष्ट अंतर रद्द करना, रोड टैक्स माफ करना शामिल है। इस अवसर पर कालेजों की मलकीयत वाले वाहनों व प्रदेश की यूनिवर्सिटी के बेहतर तालमेल के बारे विस्तार में चर्चा की गई।

छीना ने कहा कि फेडरेशन क्षेत्र के समूह कालेजों की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था है। हम आने वाले दिनों में प्रिसंिपलों व अध्यापक एसोसिएशनों से सांझे मंचों पर अपने अधिकारों के लिए दबाव डालने के लिए एकजुट होगा। बैठक में फेडरेशन के सीनियर मीत प्रधान रमेश कुमार कोडा, मीत प्रधान तेजिंदर कौर धालीवाल, महासचिव एमएस शर्मा, सलाहकार रविंद्र जोशी, पूर्व वीसी गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी डॉक्टर एसपी सिंह, जीएस सरना, संजय गोयल, प्रिंसिपल डॉक्टर महल सिंह, प्रिंसिपल एमपी सिंह, पवित्र सिंह पांगली, राजीव जैन, डॉक्टर अनीश प्रकाश, विनोद भारद्वाज, नरेश कुमार धीमान तथा डीएस रटोल आदि मौजूद थे।

कैप्शन

मीटिंग के दौरान उपस्थित राजिंदर मोहन सिंह छीना, साथ है रमेश कुमार कौड़ा, एसएम शर्मा व अन्य पदाधिकारी